एकाकी गाँव से दूर तक सुगंधित घास फैली है, ढलते सूरज में खुबानी के फूल उड़ते हैं।
च्यांगनान का वसंत·लहरें दूर-दूर तक
शब्दों और पंक्तियों के बीच, कविता का रस पाएँ।
च्यांगनान का वसंत·लहरें दूर-दूर तक
छठे महीने के बीसवें दिन की रात समुद्र पार करना
जियांगनान की याद · जियांगनान सुंदर है
गहरी रात / हान्शी पर्व की रात
ता शा शिंग·बर्फ़ में मेइ के फूल देखना
आरंभिक मेह के फूलों का गान / यांगझोउ के न्याय अधिकारी के यहाँ मेह के फूल भरपूर खिले हैं
पुसुआनज़ि · मेइ पुष्प की स्तुति
हुआनशीशा·पर्वत से धुँधला उजास टपकता है, जल तटबंध थपथपाता है
लिनजियांगश्येन·अकेला हंस
समय से पहले खिला मेइ
पहाड़ों में हिमपात के बाद
शांगलिन छुनलिंग · ग्यारहवें महीने के तीसवें दिन बर्फ़ देखना