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《बा पर्वत की बारिश की बातें》 का आवरण

प्राचीन चीनी शैली का भावपूर्ण संगीत · AI संगीत सृजन

बा पर्वत की बारिश की बातें

कू वूजी · AI संगीत · 4 बार पढ़ा गया

ली शांगयिन की 《夜雨寄北》 (रात की बारिश में उत्तर को पत्र) से प्रेरित। 君问归期未有期,巴山夜雨涨秋池;何当共剪西窗烛,却话巴山夜雨时。 तुम लौटने का दिन पूछते हो, पर कोई दिन तय नहीं; बाशान की रात की बारिश से शरद का तालाब भर उठा है; कब हम पश्चिमी खिड़की के पास साथ बैठ मोमबत्ती की बत्ती छाँटेंगे, और बाशान की इस बरसाती रात की बातें करेंगे। बाशान की रात की बारिश में उत्तर की ओर जवाबी पत्र: लौटने का दिन अनिश्चित है, शरद का तालाब भर चुका है; फिर मिलने और पश्चिमी खिड़की के पास साथ बैठ मोमबत्ती की बत्ती छाँटने की आस है, ताकि आज रात की बारिश को याद करके हँसते हुए बातें कर सकें। स्त्री और पुरुष स्वर में उन्हीं बोलों का गायन।

गीत की वह पंक्ति

君问归期未有期 — तुम लौटने का दिन पूछते हो, पर अभी कोई दिन तय नहीं

巴山夜雨涨秋池(बा पर्वत की रात की बारिश से शरद का ताल भर आया है)

प्रेरणा देने वाली मूल कविता ली शांगयिन ·《वर्षा की रात उत्तर को संदेश》
पूरे गीत के बोल पढ़ें ↓

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शब्दों में गीत बसे हैं

गीत के बोल

[प्रस्तावना]

[अंतरा 1]

तुमने पत्र लिखकर मुझसे पूछा

कलम थामे हूँ, बहुत देर से कुछ लिख नहीं पाया

बा पर्वतों में रात की बारिश हो रही है

शरद का ताल भर गया, पानी पत्थर के बाँध के ऊपर बहता है

बारिश की बूँदें छज्जे पर दस्तक देती हैं

हर एक टपक, दिल की गहराई पर चोट करती है

[मुखड़े से पहले]

मोमबत्ती की बाती पर फूल जैसी गाँठ जम गई

मैंने बाती थोड़ी काटी, लौ फिर उजली हो उठी

[मुखड़ा]

君问归期未有期 — तुम लौटने का दिन पूछते हो, पर अभी कोई दिन तय नहीं

巴山夜雨涨秋池(बा पर्वत की रात की बारिश से शरद का ताल भर आया है)

कब,तुम्हारे पास लौटूँगा

却话巴山夜雨时 — फिर बाशान की उस बरसाती रात की बातें करेंगे

आज रात की बारिश को, याद बनाकर सुनाएँ

बारिश की आवाज़ में बस,तुम्हारा नाम है

[अंतरा 2]

तुम उत्तर में मुझे याद कर रहे हो

मैं बाशान में, बारिश की बूँदें गिन रहा हूँ

रात के उसी अँधेरे में

हज़ारों ली दूर, हम अपनी-अपनी आह भरते हैं

तुम्हारी कही घर-गृहस्थी की बातें याद करता हूँ

याद करते-करते कुछ,सुध-बुध खोने लगती है

[मुखड़े से पहले]

कब लौट पाऊँगा

तुम्हारे संग मोमबत्ती की बाती काटते, धीमे-धीमे देर तक बातें करूँ

[मुखड़ा]

君问归期未有期 — तुम लौटने का दिन पूछते हो, पर अभी कोई दिन तय नहीं

巴山夜雨涨秋池(बा पर्वत की रात की बारिश से शरद का ताल भर आया है)

कब,तुम्हारे पास लौटूँगा

却话巴山夜雨时 — फिर बाशान की उस बरसाती रात की बातें करेंगे

आज रात की बारिश को, याद बनाकर सुनाएँ

बारिश की आवाज़ में बस,तुम्हारा नाम है

[वाद्य-संगीत]

[अंतरा 3]

何当共剪西窗烛 — कब हम पश्चिमी खिड़की पर साथ बैठकर मोमबत्ती की बाती काटेंगे

दो परछाइयाँ,चुपचाप एक-दूसरे से सटी हैं

तब फिर बात करेंगे

आज रात बाशान में, इस बारिश की रिमझिम

क्या तुम मुझ पर हँसोगे

एक साधारण बरसाती रात को,इतना उदास लिखने पर

[सेतु]

उस रात की कल्पना करता हूँ

पश्चिमी खिड़की की मोमबत्ती पर गुल बनते हैं, और फिर काट दिए जाते हैं

तुमने पूछा बारिश की रात ठंडी लगती है क्या

मैंने बारिश की आवाज़ को, कहानी बना सुनाया

तुम मुसकराकर पास आ टिकते हो

जितनी बरसाती रातें छूट गईं, सबकी कमी तुम्हारे लिए पूरी कर दूँ

आज रात यहीं तक लिखता हूँ

बारिश अब भी हो रही है, ख़त का काग़ज़ भीग चुका है

[अंतरा 4]

पत्र मोड़कर आस्तीन में रखता हूँ

कल सुबह होते ही, इसे भेज दूँगा

लौटने की तारीख़ अब भी नहीं है

पर मेरा हृदय, हवा से भी अधिक अधीर है

बाशान की बारिश रुके या न रुके

सब पत्र में समेट देता हूँ, तुम्हारे खोलने की प्रतीक्षा में

[अंतिम मुखड़ा]

君问归期未有期 — तुम लौटने का दिन पूछते हो, पर अभी कोई दिन तय नहीं

巴山夜雨涨秋池(बा पर्वत की रात की बारिश से शरद का ताल भर आया है)

कब,तुम्हारे पास लौटूँगा

却话巴山夜雨时 — फिर बाशान की उस बरसाती रात की बातें करेंगे

आज रात की बारिश को, याद बनाकर सुनाएँ

बारिश की आवाज़ में बस,तुम्हारा नाम है

[समापन]

却话巴山夜雨时 — फिर बाशान की उस बरसाती रात की बातें करेंगे

इंतज़ार है तुम इस रात की, हर बात पूछो

शास्त्रीय काव्य का भावलोक और मौलिक गीत-बोल · AI संगीत सृजन

नीचे गीत के बोलों का अनुवाद है; रिकॉर्डिंग में मूल गायन ही है, ऑडियो दोबारा तैयार नहीं किया गया है।

टिप्पणी अनुभाग

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प्रस्तुति एक · पुरुष स्वर

4:23

प्रस्तुति एक · स्त्री स्वर

4:39

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