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《उजला चाँद मुझ पर रोशनी बिखेरने आता है》 का आवरण

प्राचीन चीनी शैली का भावपूर्ण संगीत · AI संगीत सृजन

उजला चाँद मुझ पर रोशनी बिखेरने आता है

कू वूजी · AI संगीत · 2 बार पढ़ा गया

वांग वेई की 《竹里馆》 से भाव ग्रहण किए गए हैं। 独坐幽篁里,弹琴复长啸;深林人不知,明月来相照。 घने,सुनसान बाँसवन में अकेला बैठा हूँ,छिन बजाता हूँ और लंबी तान छेड़ता हूँ; वन की गहराई में कोई मुझे नहीं जानता,उजला चाँद आकर मुझ पर चमकता है। गहरे बाँसवन में अकेले बैठकर छिन बजाना और लंबी तान छेड़ना; बाँसवन की गहराई में किसी को पता नहीं,केवल उजला चाँद साथ रोशन करने आता है। पुरुष और महिला स्वर समान बोल गाते हैं।

गीत की वह पंक्ति

独坐幽篁里,弹琴复长啸 — घने शांत बाँसों में अकेला बैठा हूँ, छिन बजाता और लंबी मुक्त तान छेड़ता हूँ

深林人不知,明月来相照 — गहरे वन में कोई मुझे नहीं जानता, उजला चाँद आकर मुझे रोशन करता है

प्रेरणा देने वाली मूल कविता वांग वेई ·《बाँसवन का मंडप》
पूरे गीत के बोल पढ़ें ↓

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शब्दों में गीत बसे हैं

गीत के बोल

[प्रस्तावना]

[अंतरा 1]

साँझ बाँसवन में फैलती जाती है

बाँस के पत्ते, मेरे कपड़ों के किनारे को छूते हैं

बाँसों का झुरमुट गहरा और घना है

इतने घने कि सुनाई नहीं देता,संसार का कोलाहल

कोई पत्थर ढूँढ़कर बैठ जाता हूँ

छिन वीणा घुटनों पर रखकर, ज़रा सुर मिला लूँ

[मुखड़े से पहले]

उँगलियाँ तारों पर उतरती हैं

पहला सुर, रात की गोद में उतरता है

[मुखड़ा]

独坐幽篁里,弹琴复长啸 — घने शांत बाँसों में अकेला बैठा हूँ, छिन बजाता और लंबी मुक्त तान छेड़ता हूँ

深林人不知,明月来相照 — गहरे वन में कोई मुझे नहीं जानता, उजला चाँद आकर मुझे रोशन करता है

बाँसों के वन में बस, हवा की सनसनाहट और पक्षियों की पुकार है

वाद्य के सुर और चाँदनी, मुझे घेर लेते हैं

अकेले भी, जीवन खूब सुंदर बीतता है

चाँद साथ हो, तो एकाकीपन नहीं लगता

[अंतरा 2]

छिन वीणा के सुर बाँसवन में बहते हैं

बाँस सुनते हुए, धीरे-धीरे झूमते हैं

बजाते-बजाते जहाँ सुध-बुध खो जाए

बजाते-बजाते उमंग चढ़ती है, भौंहों के छोर भी उठ जाते हैं

यहाँ कोई श्रोता नहीं है

बाँस और चाँद, मेरे अंतरंग सखा हैं

[मुखड़े से पहले]

लंबी पुकार बाँसवन से गुज़रती है

चौंककर जागे पक्षी, पेड़ के तीन चक्कर लगाते हैं

[मुखड़ा]

独坐幽篁里,弹琴复长啸 — घने शांत बाँसों में अकेला बैठा हूँ, छिन बजाता और लंबी मुक्त तान छेड़ता हूँ

深林人不知,明月来相照 — गहरे वन में कोई मुझे नहीं जानता, उजला चाँद आकर मुझे रोशन करता है

बाँसों के वन में बस, हवा की सनसनाहट और पक्षियों की पुकार है

वाद्य के सुर और चाँदनी, मुझे घेर लेते हैं

अकेले भी, जीवन खूब सुंदर बीतता है

चाँद साथ हो, तो एकाकीपन नहीं लगता

[वाद्य-संगीत]

[अंतरा 3]

घने वन में कोई नहीं आता

किसी को नहीं मालूम यहाँ,वीणा की धुन तैर रही है

चाँद ऊपर उठ आया

बाँसवन की चोटियों पर, अपनी निर्मल आभा बिखेरता है

मानो खास मुझसे मिलने आया हो

कुछ कहता नहीं बस, मुस्कुराकर एक नज़र देखता है

[सेतु]

कुछ लोग अकेले होने से डरते हैं

मुझे अकेले रहना, सहज और मुक्त लगता है

चहल-पहल बहुतों में बाँटनी पड़ती है

ख़ामोशी से एक अकेले का ही, पेट भर जाता है

चाँद को वीणा के सुरों की लिपि नहीं आती

फिर भी हर रात आता है, कभी देर नहीं करता

वह हज़ार वर्षों से बाँस की कुटिया को रोशन करता आया है

पुरखों पर भी चमका था,आज रात मुझ पर भी चमकता है

[अंतरा 4]

रात गहरी हुई ओस भारी हो गई

एक धुन पूरी हुई, गूँज अभी बाकी है

वीणा उसके थैले में रख देता हूँ

चाँद मुझे विदा देता है, छोटी पगडंडी पर लौटते हुए

मुड़कर उस बाँसवन को देखता हूँ

चाँदनी अब भी है, उसके भीतर सोई हुई

[अंतिम मुखड़ा]

独坐幽篁里,弹琴复长啸 — घने शांत बाँसों में अकेला बैठा हूँ, छिन बजाता और लंबी मुक्त तान छेड़ता हूँ

深林人不知,明月来相照 — गहरे वन में कोई मुझे नहीं जानता, उजला चाँद आकर मुझे रोशन करता है

बाँसों के वन में बस, हवा की सनसनाहट और पक्षियों की पुकार है

वाद्य के सुर और चाँदनी, मुझे घेर लेते हैं

अकेले भी, जीवन खूब सुंदर बीतता है

चाँद साथ हो, तो एकाकीपन नहीं लगता

[समापन]

深林人不知,明月来相照 — गहरे वन में कोई मुझे नहीं जानता, उजला चाँद आकर मुझे रोशन करता है

इस दुनिया में मुझे समझने वाले, दरअसल कम नहीं हैं

शास्त्रीय काव्य का भावलोक और मौलिक गीत-बोल · AI संगीत सृजन

नीचे गीत के बोलों का अनुवाद है; रिकॉर्डिंग में मूल गायन ही है, ऑडियो दोबारा तैयार नहीं किया गया है।

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प्रस्तुति एक · पुरुष स्वर

5:12

प्रस्तुति एक · स्त्री स्वर

5:01

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