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《纤手破新橙(कोमल हाथों से ताज़ा संतरा खोलना)》 का आवरण

प्राचीन चीनी शैली का भावपूर्ण संगीत · AI संगीत सृजन

纤手破新橙(कोमल हाथों से ताज़ा संतरा खोलना)

कू वूजी · AI संगीत · 2 बार पढ़ा गया

झोउ बांगयान की 《少年游·并刀如水》 से प्रेरित। 并刀如水,吴盐胜雪,纤手破新橙;锦幄初温,兽烟不断,相对坐调笙。低声问向谁行宿,城上已三更;马滑霜浓,不如休去,直是少人行。 अर्थ: बिंगझोउ की छुरी जल जैसी चमकती है, वू का नमक बर्फ़ से उजला है, कोमल हाथ ताज़ा संतरा काटते हैं; रेशमी शामियाने में गरमाहट भरने लगी है, पशु आकृति वाले धूपदान से धुआँ निरंतर उठता है, दोनों आमने-सामने बैठकर शेंग वाद्य के सुर मिलाते हैं। धीमे स्वर में पूछा जाता है कि किसके यहाँ रात बिताओगे, नगर में तीसरा पहर हो चुका है; घोड़े के पैर फिसलते हैं, पाला घना है, बेहतर है मत जाओ, राह में सचमुच बहुत कम लोग हैं। सर्द रात का गरम कमरा: तेज़ छुरी और महीन नमक के साथ ताज़ा संतरा, धूप के धुएँ और शेंग के सुरों के बीच आमने-सामने बैठना, धीमे से पूछकर रोक लेना, घने पाले और फिसलन भरी राह में यहीं ठहर जाना। पुरुष और महिला स्वर में समान बोल गाए गए हैं।

गीत की वह पंक्ति

बिंगझोउ की छुरी पानी-सी चमकती है, नाज़ुक हाथ ताज़ा संतरा चीरते हैं

रेशमी शामियाने में अभी गर्मी आई है, पशु-आकृति धूपदान से धुआँ लहराता उठता है

पूरे गीत के बोल पढ़ें ↓

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शब्दों में गीत बसे हैं

गीत के बोल

[प्रस्तावना]

[अंतरा 1]

पिंगचोउ की छुरी पानी जैसी चमकती है

वू प्रदेश का नमक,बर्फ़ से भी अधिक साफ़ है

दो सुकुमार हाथ उठा लेते हैं

ताज़ा संतरा खोलते ही, सुगंध जाग उठती है

बस ज़रा सा नमक छुआ दो

खट्टे में मिठास है, आज रात के माहौल जैसी

[मुखड़े से पहले]

पर्दों के भीतर अभी गरमाहट आई है

पशु के आकार वाले धूपदान से, धुआँ कभी थमा ही नहीं

[मुखड़ा]

बिंगझोउ की छुरी पानी-सी चमकती है, नाज़ुक हाथ ताज़ा संतरा चीरते हैं

रेशमी शामियाने में अभी गर्मी आई है, पशु-आकृति धूपदान से धुआँ लहराता उठता है

आमने-सामने बैठे, धीरे-धीरे शेंग के सुर मिलाते हैं

धीमे स्वर में एक बात पूछी, नगर में रात का तीसरा पहर हो चुका है

马滑霜浓,直是少人行(घने पाले में घोड़े फिसलते हैं,सचमुच बहुत कम लोग राह पर निकलते हैं)

आज रात, यहीं रुककर इस दीप का साथ दो

[अंतरा 2]

हम आमने-सामने बैठे हैं

तुम शेंग सुर में मिलाते हो, मैं धीरे धुन गुनगुनाता हूँ

तुम सिर झुकाकर शेंग के सुर मिलाते हो

अंगीठी की रोशनी में तुम्हारा पार्श्वमुख शांत लगता है

लौ बार-बार उछलती है

आग की रोशनी छाया को,धीरे-धीरे झुलाती है

[मुखड़े से पहले]

मुझे अभी उत्तर देने का समय भी नहीं मिला

खिड़की के बाहर के पाले ने, उत्तर पर एक और परत चढ़ा दी

[मुखड़ा]

बिंगझोउ की छुरी पानी-सी चमकती है, नाज़ुक हाथ ताज़ा संतरा चीरते हैं

रेशमी शामियाने में अभी गर्मी आई है, पशु-आकृति धूपदान से धुआँ लहराता उठता है

आमने-सामने बैठे, धीरे-धीरे शेंग के सुर मिलाते हैं

धीमे स्वर में एक बात पूछी, नगर में रात का तीसरा पहर हो चुका है

马滑霜浓,直是少人行(घने पाले में घोड़े फिसलते हैं,सचमुच बहुत कम लोग राह पर निकलते हैं)

आज रात, यहीं रुककर इस दीप का साथ दो

[वाद्य-संगीत]

[अंतरा 3]

तुम अचानक धीमे स्वर में पूछते हो

आज रात, तुम किसके आँगन में ठहरोगे

मैं सिर उठाकर पहर की आवाज़ सुनती हूँ

पहर का नगाड़ा तीन बार बजता है, पाला जम रहा है

यह सवाल कितनी चतुराई से पूछा

कौन नहीं सुन पाएगा, यह रोक लेने का गहरा प्रेम है

[सेतु]

तुम कहते हो घोड़े के खुर फिसल जाएँगे

पाला इतना घना है, कि पत्थर की राह जमकर बर्फ़ हो गई

रात इतनी गहरी हो चली है

पूरे रास्ते में, अब कहाँ किसी इंसान की परछाईं होगी

अँधेरे में टटोलते हुए राह चलने से

तो क्यों न आगे भी, भोर तक शेंग के सुर साधें

आधा संतरा अभी बाकी है

सुगंध अभी बिखरी नहीं,अंगारे अब भी लाल हैं

[अंतरा 4]

मैंने घोड़े का चाबुक रख दिया

राह फिसलती है तो फिसले, पाला गहरा है तो गहराए

मैं फिर अँगीठी के पास बैठ गया

जो धुन अधूरी सुनी थी, उसे अंत तक सुनता हूँ

संतरे की सुगंध अंगीठी के धुएँ में घुलती है

इस तरह साथ बैठना, अपने आप में दुर्लभ सौभाग्य है

[अंतिम मुखड़ा]

बिंगझोउ की छुरी पानी-सी चमकती है, नाज़ुक हाथ ताज़ा संतरा चीरते हैं

रेशमी शामियाने में अभी गर्मी आई है, पशु-आकृति धूपदान से धुआँ लहराता उठता है

आमने-सामने बैठे, धीरे-धीरे शेंग के सुर मिलाते हैं

धीमे स्वर में एक बात पूछी, नगर में रात का तीसरा पहर हो चुका है

马滑霜浓,直是少人行(घने पाले में घोड़े फिसलते हैं,सचमुच बहुत कम लोग राह पर निकलते हैं)

आज रात, यहीं रुककर इस दीप का साथ दो

[समापन]

पहर का नगाड़ा एक दौर और बज गया

इस रात,कोई भी सफ़र का ज़िक्र न करे

शास्त्रीय काव्य का भावलोक और मौलिक गीत-बोल · AI संगीत सृजन

नीचे गीत के बोलों का अनुवाद है; रिकॉर्डिंग में मूल गायन ही है, ऑडियो दोबारा तैयार नहीं किया गया है।

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प्रस्तुति एक · पुरुष स्वर

4:26

प्रस्तुति एक · स्त्री स्वर

4:02

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