नई जोड़ी हुई धुन में विलो की डालियाँ
तांग राजवंश・वेन थिंगयुन
तांग राजवंश・वेन थिंगयुन
【पहली】
一尺深红胜曲尘,天生旧物不如新。 एक ची गहरा लाल रेशम फीके पीले-हरे से बढ़कर है, पुरानी वस्तु मानो जन्म से ही नई के बराबर नहीं होती।
मिलन का प्रतीक आड़ू का बीज भी अंततः दुख देता है, उसके भीतर तो कोई और ही निकला।
【दूसरी】
कुएँ की तली में दीप जलाकर तुम्हें गहरी सीख देती हूँ, प्रिय, लंबी यात्रा पर जाओ तो मिलने की अवधि मत टालना।
नन्हे सुंदर पासे में लाल प्रेम-बीज जड़े हैं, क्या जानते हो यह विरह अस्थियों तक समाया है?
एनिमेशन की सामग्री मूल चीनी में रखी गई है।
एनीमेशन तैयार है।
पहली कविता
गहरे लाल रंग की लंबी पोशाक समय बीतने पर हल्की पीली धूल से ढक जाती है; प्राचीन समय से पुरानी वस्तुएँ नई वस्तुओं जितना मन नहीं लुभातीं।
तुम्हें और मुझे जुड़े हुए अखरोट की तरह अटल रहना चाहिए था;कहाँ सोचा था कि तुम्हारे मन में पहले से कोई और है, जिससे अंततः मेरे मन में तुम्हारे प्रति रोष भर गया।
दूसरी कविता
कुएँ के तल में मोमबत्ती जलाने की तरह, तुम्हें गहराई से समझाती हूँ:तुम मुझे छोड़ दूर यात्रा पर जा रहे हो, फिर भी मेरा मन तुम्हारे साथ लंबी राह चलेगा। याद रखना, समय पर जल्दी लौटना।
हाथ के सुंदर पासे का हर लाल बिंदु विरह का लाल बीज है;क्या तुम जानते हो कि अस्थियों की गहराई तक समाया हुआ यह भाव तुम्हारे लिए मेरा प्रेम-विरह है?
胜曲尘:एक पाठांतर में “蒙曲尘”(पीतहरित पराग-धूल से ढका)है।
深烛:इसकी ध्वनि 深嘱 से मिलती है, जिसका अर्थ है गहरी आत्मीयता से समझाना या आग्रह करना। यहाँ समध्वनि आधारित श्लेष से स्त्री का अपने प्रिय को 「深嘱」—गहरा आग्रह—व्यक्त किया गया है।
伊:व्यक्तिवाचक सर्वनाम,「你」,अर्थात् ‘तुम’。
长行:छांगशिंग नामक प्राचीन पासों का खेल,जो तांग काल में बहुत प्रचलित था। ली झाओ की《唐国史补·卷下》में है:「今之博戏,有长行最盛。其具有局有子,子有黄黑各十五,掷采之骰有二。」(आज के जुए के खेलों में छांगशिंग सबसे प्रचलित है। इसमें एक पट और गोटियाँ होती हैं,पीली और काली गोटियाँ पंद्रह-पंद्रह,और फेंकने के लिए दो पासे होते हैं。)यहाँ खेल का नाम लंबी यात्रा का भी संकेत देता है। 围棋:चीन का पारंपरिक वेइछी खेल। इसके बदलाव अत्यंत जटिल और सिद्धांत बहुत गहरे हैं;दक्ष खिलाड़ियों का एक मुकाबला प्रायः कई प्राचीन दोघंटे की अवधियों तक,कभी-कभी कई दिनों तक चलने पर ही तय होता है। यहाँ 「围棋」(वेइछी)और 「违期」(तय समय से चूकना)की समान ध्वनि से 「郎」(प्रियतम)को लौटने की तिथि न चूकने की सलाह दी गई है。
玲珑:बारीक और कुशल बनावट वाला रूप。
骰(tóu)子:जुए का उपकरण, पासा। परंपरा के अनुसार इसे तीन राज्यों के काल में छाओ झी ने बनाया था। पहले जेड का बनता था, बाद में हड्डी का बनने लगा। इसके बिंदु रंगे होते हैं, इसलिए इसे 色子 भी कहते हैं। यह छोटा घनाकार टुकड़ा है, जिसके छह पृष्ठों पर एक से छह तक अलग-अलग संख्या में गोल बिंदु बने होते हैं। एक और चार वाले बिंदु लाल, शेष काले होते हैं। पासे के इन्हीं लाल बिंदुओं की तुलना विरह के प्रतीक लाल बीजों से की गई है।
「入骨相思知不知」 पंक्ति का अर्थ है ‘क्या तुम जानती हो, प्रेम की याद हड्डियों तक समाई है?’ हड्डी के बने पासे के भीतर धँसे लाल बिंदुओं से अस्थियों तक समाए विरह का रूपक बनाया गया है। 「入骨」, अर्थात हड्डियों में उतरना, दोहरे अर्थ वाला संकेत है।
वेन फेइछिंग की कविताएँ और त्सी प्रायः सुंदर शब्दों और मनोहर धुनों से भरी होती हैं,सुगंध और रंग उनमें जी उठते हैं,शब्द जैसे कढ़े और चित्रित हों,सोने की नक्काशी और रंगीन जड़ाई जैसे आँखें चकाचौंध कर दें। पर ये दो पंक्तियाँ गहरे प्रेम और दूर तक जाती अनुगूँज से युक्त हैं,इन्हें निश्चय ही निर्मल सुंदरता कहा जा सकता है।
लाल बीजों को 相思子 अर्थात विरह के बीज भी कहते हैं, जबकि पासे अक्सर हड्डी से बनते थे। पासों में लाल बीज जड़कर हड्डियों तक समाए विरह का रूपक बनाया गया है। साधारण वस्तुओं से रची यह कल्पना चतुर और अनोखी है। पढ़ते हुए यह दुरूह नहीं लगती, बल्कि 「眉目清秀」—सुघड़ और निर्मल—तथा विनोदपूर्ण लगती है। श्लेष का यह कुशल प्रयोग विशिष्ट भाव-सौंदर्य और गहरा अर्थ रखता है।
इसके अतिरिक्त, पहली पंक्ति के दो अक्षर 「玲珑」 अर्थात् ‘सुघड़ और बारीक’ देखने में पासे का वर्णन करते हैं, लेकिन प्रेमी के 「七巧玲珑心」 अर्थात् ‘अत्यंत चतुर और संवेदनशील हृदय’ का संकेत भी देते हैं। अगली पंक्ति के तीन अक्षर 「知不知」 अर्थात् ‘जानते हो या नहीं’ स्पष्ट फिर भी विनम्र हैं;बार-बार लौटता प्रश्न कानों पर विशेष प्रभाव डालता है और बहुत भावपूर्ण है।
यह रचना स्त्री के स्वर में अपने प्रिय के प्रति उसका अनुराग व्यक्त करती है। आरंभ की दो पंक्तियाँ आग्रहपूर्वक समझाने की बातें हैं।「井底点灯深烛伊」 में 「井底点灯」 के चार अक्षरों का अर्थ है कुएँ की तली में दीपक जलाना।आखिर कुएँ की तली में ही दीपक क्यों जलाया जाए?क्योंकि वहाँ का दीपक अवश्य गहराई में रखा दीपक होगा।और 「深烛」, जिसका शाब्दिक अर्थ गहरा दीपक है, समान उच्चारण वाले 「深嘱」, अर्थात गंभीरता से समझाना, का संकेत है।「伊」 एक सर्वनाम है, जो यहाँ ‘तुम’ के लिए है।「深烛伊」 का अर्थ इस प्रकार ‘मैं तुम्हें अत्यंत सच्चे मन से समझाती हूँ’ है।स्पष्ट है कि लेखक ने कथा कहने में जानबूझकर समान ध्वनि वाले दो अर्थों का प्रयोग किया है।इससे रचना का आशय अप्रत्यक्ष हो गया है।
जब 「深嘱」, अर्थात गहरी आत्मीयता से बार-बार समझाने, की बात है, तो वह क्या समझाती है?अगली पंक्ति है 「共郎长行莫围棋」।共 एक संबंधबोधक है, जिसका अर्थ साथ है।「共郎」 बताता है कि नायिका अपने प्रिय के साथ है। तुरंत आने वाला 「长行」 यह भी संकेत देता है कि यह विदाई का समय है। इसी कारण वह उसे बार-बार इतने स्नेह से समझाती है। यहाँ 「长行」 और 「围棋」 समध्वनि पर आधारित दोहरे अर्थ भी रखते हैं।长行 एक जुए के खेल का नाम है। तांगकालीन टिप्पणियों के अनुसार 「长行局」 पासे फेंककर खेला जाता था; सरल होने के कारण तांगकालीन लोग 「颇或耽玩,至有废庆吊、忘寝休、辍饮食者」(《唐国史补》卷下), अर्थात कभी इतने डूब जाते थे कि उत्सव और शोक-संवेदना के दायित्व छोड़ देते, सोना-आराम करना भूल जाते और खाना-पीना तक त्याग देते थे। यह निम्न स्तर का जुआ था। वहीं 「围棋」 चीन का पारंपरिक बौद्धिक खेल गो है, जिसकी रणनीति गहरी है और जिसे विद्वानों तथा सुरुचिसंपन्न लोगों का खेल कहा जा सकता है। फिर वह बाहर जाने वाले पति को इतनी आत्मीयता से क्यों समझाती है कि मैं तुम्हारे साथ छांगशिंग खेल सकती हूँ, पर गो नहीं खेलूँगी?वास्तव में इस आग्रह में दूसरा अर्थ छिपा है। वह 「长行」 नाम से लंबी यात्रा का और 「围棋」 से 「违误归期」, अर्थात लौटने की तय तिथि चूकने का, समध्वन्यात्मक संकेत देती है। वह पति से कहती है कि दूर की यात्रा पर जाओ, तो लौटने की तिथि मत चूकना!जीवन में लोग जब किसी से कुछ कहना चाहें, पर साफ़-साफ़ कहना सुविधाजनक न हो, तो ऐसे समध्वन्यात्मक दोहरे अर्थों से संकेत देते हैं। यहाँ भी इन दोनों खेलों के नाम नायिका की गहरी छिपी भावनाओं को घुमाकर सामने लाते हैं; स्त्री का स्नेह और माधुर्य दिखाई देता है, पर सांकेतिक शब्दों के कारण अर्थ बहुत गूढ़ भी हो जाता है।
「玲珑骰子安红豆,入骨相思知不知?」(सुघड़ पासों में जड़े हैं लाल बीज,हड्डियों में बसे मेरे विरह को क्या तुम जानते हो?)इन अंतिम दो पंक्तियों में 「长行」(छांगशिंग नाम का खेल)से 「骰子」(पासे)की बात निकलती है। उन बारीकी से बने पासों का हर लाल बिंदु प्रेम-स्मरण के लाल बीज जैसा है,और वह हड्डी के भीतर तक धँसा है,मानो पूछ रहा हो:तुम्हारे लिए मेरा विरह अस्थि-मज्जा तक समाया है,क्या तुम जानते हो? इससे दूसरी पंक्ति में दिया गया गहरा आग्रह 「长行莫围棋」—छांगशिंग खेलो,पर वेइछी मत खेलो—और अर्थपूर्ण हो उठता है। दरअसल,उसका 「共郎长行」(प्रिय के साथ छांगशिंग खेलना)भी जानबूझकर इस खेल के 「骰子」(पासों)से पति को याद दिलाने का उपाय है:जब तुम छांगशिंग खेलते हुए पासे फेंको,तो क्या जानते हो कि उन पर हर लाल बिंदु हड्डियों में धँसे लाल बीज जैसा है,जो तुम्हारे लिए मेरे गहरे विरह का प्रतीक है? इसलिए लौटने की तय घड़ी हरगिज मत टालना। यह पंक्ति पति के प्रति उसकी चिंता और उससे बिछुड़ना असह्य बना देने वाले प्रबल प्रेम को अत्यंत सटीक रूप से व्यक्त करती है!「入骨相思」(हड्डियों तक समाया विरह)में दो अर्थ हैं,और उसमें बसी प्रेम की गहनता मन को विह्वल कर देती है। रचना-विन्यास में यह आरंभिक दो पंक्तियों के 「深嘱」(गहरे आग्रह)और जल्दी लौटने के 「莫违期」(तय समय न टालना)का प्रत्युत्तर है। पहले स्त्री प्रिय के साथ खेलते हुए आग्रह करती है,फिर जब प्रवासी तय समय पर नहीं लौटता,तो उसका विरह हड्डियों तक समा जाता है। अंत में 「知不知」(क्या तुम जानते हो)के प्रश्न से पूरी कविता धीरे से समेटी जाती है,और उस प्रेममयी स्त्री की यात्री के शीघ्र लौटने की उत्कंठा फिर सामने आती है। ये तीन चीनी अक्षर उसके लंबे बिछोह,मिलन की कठिनाई,विरह की गहराई और पीड़ा,यहाँ तक कि अपना मन कहने के लिए किसी का न होना,सबको पूरी तीव्रता से व्यक्त करते हैं। अंत सहज है,पर उसकी अनुगूँज समाप्त नहीं होती। पाठक को नायिका के अंतर्मन का सच्चा और प्रज्वलित प्रेम अनुभव होता है। ऐसी प्रेमनिष्ठ स्त्री को पढ़कर मन और भी भर आता है। 「入骨相思知不知」(हड्डियों में बसे मेरे विरह को क्या तुम जानते हो)के सात चीनी अक्षर पूरी कविता की आत्मा को उजागर करने वाला अंतिम स्पर्श हैं।
कविता से कहानी में प्रवेश करें
विवाह के तीसरे दिन श्यू दोउ की कलाई पर बँधा नक्काशीदार पासा गिरकर दो टुकड़ों में टूट गया। लाल बीज लुढ़ककर बाहर आया, लेकिन भीतर एक पतली पर्ची भी छिपी थी जिस पर किसी अनजान स्त्री की जन्मतिथि और ख़रीद की क़ीमत लिखी थी। पति दिन में पासे तराशता था और रात में हमेशा पश्चिमी नगर के जुआघर जाता था; उसे यह उपहार देते समय भी उसने हड्डियों तक बसी विरह-वेदना की ही बात कही थी। उसने पिता से लकड़ी की नसें पहचानना और जोड़ खोलना सीखा था। इस बार पतली धार को उस जगह प्रवेश करना था जिसके बारे में उसने स्वयं कभी पूछा ही नहीं था।
पढ़ना शुरू करेंAI की सहायता से रचित · पात्र और कथानक काल्पनिक हैं