प्रस्तुति एक · पुरुष स्वर
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प्राचीन चीनी शैली का भावपूर्ण संगीत · AI संगीत सृजन
कू वूजी · AI संगीत · 1 बार पढ़ा गया
ली जिंग की 《摊破浣溪沙·菡萏香销翠叶残》 से भाव लिए गए हैं। 菡萏香销翠叶残,西风愁起绿波间;还与韶光共憔悴,不堪看。细雨梦回鸡塞远,小楼吹彻玉笙寒;多少泪珠何限恨,倚栏干。 अर्थ: कमलों की ख़ुशबू मिट गई है, हरे पत्ते मुरझा गए हैं, पश्चिमी हवा में हरी लहरों के बीच उदासी उठती है; सुंदर समय के साथ ये भी कुम्हला रहे हैं, देखा नहीं जाता। महीन बारिश में सपना दूर के जीसाइ सीमा-दुर्ग में लौटता है, छोटी अटारी में जेड का शेंग देर तक बजते-बजते ठंडा हो जाता है; कितने आँसू, कितना असीम विरह, रेलिंग से टिकी खड़ी हूँ। मुरझाए कमल सुंदर समय के साथ बूढ़े होते हैं, सपने में जीसाइ है, शेंग की धुन ठंड जगा देती है, आँसुओं में असीम वेदना है, और रेलिंग से अकेले टिके रहना है। पुरुष और महिला स्वर में समान बोल गाए गए हैं।
菡萏香销翠叶残 — कमल की सुगंध खो गई, हरे पत्ते मुरझा गए
西风愁起绿波间 — पश्चिमी हवा हरी लहरों के बीच विषाद जगाती है
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शब्दों में गीत बसे हैं
[प्रस्तावना]
[अंतरा 1]
कमल की सुगंध पूरी तरह मिट गई है
हरे पत्ते टूट-फूट गए हैं, एक-एक पानी की सतह पर तैरते हैं
पश्चिमी हवा कहाँ से
लाई उदासी,पानी की लहरों में घूमती है
उदासी इंसान को भी लग जाती है
फूल और इंसान, दोनों एक ही साल बूढ़े हो गए
[मुखड़े से पहले]
ऐसा नहीं कि अब देखना अच्छा नहीं लगता
बस एक नज़र पड़ते ही, दर्द एक बार और बढ़ जाता है
[मुखड़ा]
菡萏香销翠叶残 — कमल की सुगंध खो गई, हरे पत्ते मुरझा गए
西风愁起绿波间 — पश्चिमी हवा हरी लहरों के बीच विषाद जगाती है
कमल और मेरा, दोनों का रूप एक साथ मुरझा गया
इस ताल में भरा पतझड़, सचमुच देखा नहीं जाता
小楼吹彻玉笙寒 — छोटी अटारी में देर तक बजते जेड के शंग वाद्य के सुर ठंडे पड़ गए
कितने आँसू और कितनी कसक, सब जंगले का सहारा लिए हैं
[अंतरा 2]
उस रात जब महीन बारिश खिड़की थपथपा रही थी
सपना अभी जीसाई सीमा-दुर्ग पहुँचा ही था, कि बारिश ने तोड़ दिया
जागकर हाथ जेड के शेंग वाद्य तक पहुँचता है
एक ही साँस में पूरा बजाया, दसों उँगलियाँ ठंडी पड़ गईं
वह सीमांत सपने में है
ऐसी ठंड जो साफ़ महसूस हो,इतना दूर कि छोर न दिखे
[मुखड़े से पहले]
शेंग की धुन थमने के बाद
बची हुई निस्तब्धता, बारिश से भी अधिक लंबी खिंचती है
[मुखड़ा]
菡萏香销翠叶残 — कमल की सुगंध खो गई, हरे पत्ते मुरझा गए
西风愁起绿波间 — पश्चिमी हवा हरी लहरों के बीच विषाद जगाती है
कमल और मेरा, दोनों का रूप एक साथ मुरझा गया
इस ताल में भरा पतझड़, सचमुच देखा नहीं जाता
小楼吹彻玉笙寒 — छोटी अटारी में देर तक बजते जेड के शंग वाद्य के सुर ठंडे पड़ गए
कितने आँसू और कितनी कसक, सब जंगले का सहारा लिए हैं
[वाद्य-संगीत]
[अंतरा 3]
कितने ही आँसू लुढ़क चुके हैं
पीड़ा आँसुओं से लंबी है, बहते हुए आज तक आ पहुँची
गिन नहीं सकता तो अब नहीं गिनूँगा
रेलिंग से टिककर,हवा को आँखों में चुभने देता हूँ
नीचे इस ताल का पानी
वह भी रात में,चुपके से बढ़ता है फिर उथला हो जाता है
[सेतु]
जब वसंत अपने पूरे वैभव पर था
पूरा ताल कमलों से खिला है,मानो भव्य भोज सजा हो
मैं भी यौवन के उत्कर्ष पर था
सोचा था अच्छे दिन, हमेशा ताज़ा रहेंगे
पश्चिमी हवा का एक झोंका गुज़र गया
फूल मुरझा गए, और इंसान भी बुरी तरह कुम्हला गया
अगर पहले ही जान लिया होता कि ऐसा होगा
तब शुरू में, इतना चटख खिलने की क्या ज़रूरत थी
[अंतरा 4]
जब रात और गहरी हो गई
आँसू सूख गए, चेहरे पर नमक की लकीरें रह गईं
अगले साल भी कमल वैसे ही खिलेंगे
फूल वैसे ही खिलेंगे,मैं शायद अटारी के सामने न रहूँ
फ़िलहाल आज रात के शेंग वाद्य को
एक धुन और बजाओ,जितनी गर्माहट मिले उतनी सही
[अंतिम मुखड़ा]
菡萏香销翠叶残 — कमल की सुगंध खो गई, हरे पत्ते मुरझा गए
西风愁起绿波间 — पश्चिमी हवा हरी लहरों के बीच विषाद जगाती है
कमल और मेरा, दोनों का रूप एक साथ मुरझा गया
इस ताल में भरा पतझड़, सचमुच देखा नहीं जाता
小楼吹彻玉笙寒 — छोटी अटारी में देर तक बजते जेड के शंग वाद्य के सुर ठंडे पड़ गए
कितने आँसू और कितनी कसक, सब जंगले का सहारा लिए हैं
[समापन]
बारिश थम गई, आकाश हल्का उजला है
तालाब पर तैर उठती है, ठंडी धुंध की एक पतली परत
शास्त्रीय काव्य का भावलोक और मौलिक गीत-बोल · AI संगीत सृजन
नीचे गीत के बोलों का अनुवाद है; रिकॉर्डिंग में मूल गायन ही है, ऑडियो दोबारा तैयार नहीं किया गया है।

कू वूजी · AI संगीत
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