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《प्राचीन मैदान की नई हरियाली》 का आवरण

प्राचीन चीनी शैली का भावपूर्ण संगीत · AI संगीत सृजन

प्राचीन मैदान की नई हरियाली

कू वूजी · AI संगीत · 2 बार पढ़ा गया

बाई जूयी की 《赋得古原草送别》 से भाव ग्रहण किए गए हैं। 离离原上草,一岁一枯荣;野火烧不尽,春风吹又生。远芳侵古道,晴翠接荒城;又送王孙去,萋萋满别情。 मैदान की घनी घास हर वर्ष सूखती और फिर हरी होती है; जंगल की आग उसे पूरी तरह मिटा नहीं सकती,वसंत की हवा चले तो फिर उग आती है। दूर तक फैली सुगंधित घास पुराने मार्ग पर छा जाती है,धूप में दमकती हरियाली उजड़े नगर तक पहुँचती है; फिर एक मित्र को विदा करता हूँ,घनी घास विदाई के भावों से भरी है। पुराने मैदान की वसंती घास हर साल सूखती और हरी होती है,जंगल की आग उसे समाप्त नहीं करती、वसंत की हवा से वह फिर उगती है; सुगंधित घास पुराने मार्ग से उजड़े नगर तक फैलती है,उस घनी हरियाली के बीच दूर जाते मित्र को विदा किया जाता है। पुरुष और महिला स्वर समान बोल गाते हैं।

गीत की वह पंक्ति

离离原上草,一岁一枯荣 — मैदान की घास घनी लहलहाती है, हर वर्ष एक बार सूखती और फिर हरी होती है

野火烧不尽,春风吹又生 — जंगल की आग इसे पूरा नहीं जला पाती, वसंत की हवा चले तो फिर उग आता है

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शब्दों में गीत बसे हैं

गीत के बोल

[प्रस्तावना]

[अंतरा 1]

प्राचीन मैदान पर वसंत की घास

झुरमुट पर झुरमुट,जुड़कर हरा मखमल बन जाते हैं

वे साल-दर-साल

पतझड़ में सूखते हैं, वसंत में फिर अंकुराते हैं

उन्हें किसी ने बोया नहीं

अपने आप ही, घने हरे होकर जीते हैं

[मुखड़े से पहले]

पिछली सर्दी का बंजर मैदान

जिस पर धधकती लाल वनाग्नि,एक बार गुज़री थी

[मुखड़ा]

离离原上草,一岁一枯荣 — मैदान की घास घनी लहलहाती है, हर वर्ष एक बार सूखती और फिर हरी होती है

野火烧不尽,春风吹又生 — जंगल की आग इसे पूरा नहीं जला पाती, वसंत की हवा चले तो फिर उग आता है

远芳侵古道,晴翠接荒城 — दूर तक फैली सुगंधित घास प्राचीन पथ पर छा जाती है, धूप में निखरी हरियाली उजड़े नगर तक पहुँचती है

又送王孙去,萋萋满别情(फिर एक कुलीन मित्र को विदा करता हूँ,घनी घास विदाई की भावना से भरी है)

जला हुआ मैदान,अगले साल फिर हरा होगा

हर साल घास की हरियाली, एक नई खिली धूप है

[अंतरा 2]

जंगल की आग इतनी प्रचंड आई

काली राख ने ढक ली, पूरी पहाड़ी धरती

हर कोई अपनी बात कह चुका है

कहते थे अब हरियाली की कोई संभावना नहीं

एक रात वसंत की हवा बह आई

मिट्टी के भीतर सारे अंकुर, चौंककर जाग उठे

[मुखड़े से पहले]

घास के नुकीले अंकुर मिट्टी को धकेल रहे हैं

काली राख के टुकड़े, धक्के से ढीले पड़ रहे हैं

[मुखड़ा]

离离原上草,一岁一枯荣 — मैदान की घास घनी लहलहाती है, हर वर्ष एक बार सूखती और फिर हरी होती है

野火烧不尽,春风吹又生 — जंगल की आग इसे पूरा नहीं जला पाती, वसंत की हवा चले तो फिर उग आता है

远芳侵古道,晴翠接荒城 — दूर तक फैली सुगंधित घास प्राचीन पथ पर छा जाती है, धूप में निखरी हरियाली उजड़े नगर तक पहुँचती है

又送王孙去,萋萋满别情(फिर एक कुलीन मित्र को विदा करता हूँ,घनी घास विदाई की भावना से भरी है)

जला हुआ मैदान,अगले साल फिर हरा होगा

हर साल घास की हरियाली, एक नई खिली धूप है

[वाद्य-संगीत]

[अंतरा 3]

दूर सुगंधित घास फैलती जाती है

पुराने रास्ते तक फैल गया, पत्थरों की दरारों में आड़ा-तिरछा

खिले आसमान तले हरा रंग दूर तक एक हो जाता है

उजड़े नगर के नीचे, एक चित्रित ओटपट

उस पुराने रास्ते से कितने रथ और घोड़े गुज़रे

केवल घास हर वर्ष,विदा करने आती है

[सेतु]

आज फिर एक मित्र को विदा करता हूँ

न जाने किस बरस, फिर मिलना हो पाएगा

घोड़ों की टापें घास पर पड़ीं

पैरों से दबकर फिर सीधे खड़े हो गए, बिना आहट किए

मैं रोक लेने वाले शब्द कह नहीं पाता

घास को मेरी ओर से कहने दो, अपना ख़याल रखना

दोस्त तुम्हें भी घास जैसा होना है

कितनी भी ठंड पड़े, निश्चिंत होकर हरे रहना

[अंतरा 4]

घोड़े के दूर चले जाने के बाद

प्राचीन मैदान शांत है, जैसे कोई सपना

मैं फिर घास पर बैठ जाता हूँ

सुनो उन्हें चर्चा करते, अगले साल के वसंत की

अगले साल यहाँ फिर हरियाली होगी

लौटोगे तो, राह अब भी पहचान लोगे

[अंतिम मुखड़ा]

离离原上草,一岁一枯荣 — मैदान की घास घनी लहलहाती है, हर वर्ष एक बार सूखती और फिर हरी होती है

野火烧不尽,春风吹又生 — जंगल की आग इसे पूरा नहीं जला पाती, वसंत की हवा चले तो फिर उग आता है

远芳侵古道,晴翠接荒城 — दूर तक फैली सुगंधित घास प्राचीन पथ पर छा जाती है, धूप में निखरी हरियाली उजड़े नगर तक पहुँचती है

又送王孙去,萋萋满别情(फिर एक कुलीन मित्र को विदा करता हूँ,घनी घास विदाई की भावना से भरी है)

जला हुआ मैदान,अगले साल फिर हरा होगा

हर साल घास की हरियाली, एक नई खिली धूप है

[समापन]

野火烧不尽,春风吹又生 — जंगल की आग इसे पूरा नहीं जला पाती, वसंत की हवा चले तो फिर उग आता है

इस मैदान की घास,मेरी ओर से कुछ दूर तक तुम्हें विदा करे

शास्त्रीय काव्य का भावलोक और मौलिक गीत-बोल · AI संगीत सृजन

नीचे गीत के बोलों का अनुवाद है; रिकॉर्डिंग में मूल गायन ही है, ऑडियो दोबारा तैयार नहीं किया गया है।

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प्रस्तुति एक · पुरुष स्वर

4:37

प्रस्तुति एक · स्त्री स्वर

5:11

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