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《नौवें आसमान से उतरती आकाशगंगा》 का आवरण

प्राचीन चीनी शैली का भावपूर्ण संगीत · AI संगीत सृजन

नौवें आसमान से उतरती आकाशगंगा

कू वूजी · AI संगीत · 2 बार पढ़ा गया

ली बाई की 《望庐山瀑布》 (लूशान के झरने को निहारना) से प्रेरित। 日照香炉生紫烟,遥看瀑布挂前川;飞流直下三千尺,疑是银河落九天。 सूर्य के प्रकाश में श्यांगलू शिखर से बैंगनी धुंध उठती है, दूर से झरना सामने नदी के ऊपर लटका दिखता है; उसकी धारा सीधे तीन हज़ार ची नीचे गिरती है, मानो आकाशगंगा नौवें आसमान से उतर आई हो। श्यांगलू शिखर की बैंगनी धुंध, सामने नदी के ऊपर लटकी सफ़ेद रेशमी पट्टी, तीन हज़ार ची गिरती धारा, नौवें आसमान से उतरती आकाशगंगा—झरने की भव्यता देखकर उपजे विस्मय का गीत। स्त्री और पुरुष स्वर में उन्हीं बोलों का गायन।

गीत की वह पंक्ति

日照香炉生紫烟(सूरज की रोशनी में श्यांगलू शिखर से बैंगनी धुँध उठती है)

遥看瀑布挂前川 — दूर से देखूँ तो जलप्रपात सामने की नदी पर लटका दिखता है

प्रेरणा देने वाली मूल कविता ली बाई ·《लू पर्वत के झरने को निहारना》
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शब्दों में गीत बसे हैं

गीत के बोल

[प्रस्तावना]

[अंतरा 1]

झरना अभी देखा भी नहीं

पहले उसकी गर्जना सुनाई दी

आवाज़ घाटी से टकराती है

टकराकर लौटते समय, पानी की बूँदें साथ लाता है

आख़िरी मोड़ पार किया

वहीं स्तब्ध खड़ा रह गया,बोलना भूल गया

[मुखड़े से पहले]

सूरज श्यांगलू शिखर पर चमकता है

चोटी पर धूप पड़ते ही, बैंगनी धुंध उठती है

[मुखड़ा]

日照香炉生紫烟(सूरज की रोशनी में श्यांगलू शिखर से बैंगनी धुँध उठती है)

遥看瀑布挂前川 — दूर से देखूँ तो जलप्रपात सामने की नदी पर लटका दिखता है

飞流直下三千尺(वेगवती धार सीधे तीन हज़ार ची नीचे गिरती है),मनुष्यों की दुनिया में आ गिरती है

疑是银河落九天(लगता है आकाशगंगा नौवें आसमान से उतर आई है)

मानो किसी ने झटककर खोल दिया हो, सफ़ेद रेशम का एक थान

लूशान की, सबसे खड़ी ढलान पर टँगा हुआ

[अंतरा 2]

एक नदी घाटी के उस पार

दूर से देखो तो, एक सफ़ेद पर्दा लटका है

यह पानी खड़ा हुआ है

नदी के पानी जैसी नहीं, जो धीरे-धीरे बल खाता बहता है

वह अधर से आ गिरता है

ऐसे आ गिरता है कि पूरी घाटी में,प्रतिध्वनियाँ घेरे बनाती हैं

[मुखड़े से पहले]

पानी की फुहार मेरे चेहरे पर आ लगी

ठंडी-ठंडी, जैसे बादलों के टुकड़े

[मुखड़ा]

日照香炉生紫烟(सूरज की रोशनी में श्यांगलू शिखर से बैंगनी धुँध उठती है)

遥看瀑布挂前川 — दूर से देखूँ तो जलप्रपात सामने की नदी पर लटका दिखता है

飞流直下三千尺(वेगवती धार सीधे तीन हज़ार ची नीचे गिरती है),मनुष्यों की दुनिया में आ गिरती है

疑是银河落九天(लगता है आकाशगंगा नौवें आसमान से उतर आई है)

मानो किसी ने झटककर खोल दिया हो, सफ़ेद रेशम का एक थान

लूशान की, सबसे खड़ी ढलान पर टँगा हुआ

[वाद्य-संगीत]

[अंतरा 3]

तीन हज़ार ची कितने ऊँचे होते हैं

सिर उठाकर मापता हूँ, मापते-मापते गर्दन दुखने लगती है

ऊपर बादल उसे देखते हैं

नीचे पत्थर हैं, बिना पलक झपकाए उसे सँभालते हैं

इतनी ऊँचाई से गिरना

वह यूँ छलाँग लगाता है, पूरे मन से राज़ी होकर

[सेतु]

देखते-देखते सुध खो गई

समझ नहीं आता यह पानी है, या प्रकाश का लंबा चित्रपट

लगता है आकाश में कोई छेद हो गया है

पूरी आकाशगंगा, आधी रिस गई

तारे भी सिर बाहर झाँकने लगे

सारा उजाला उधार दे दो,इस पहाड़ी झरने को

क्या यह सचमुच आकाशगंगा है

है या नहीं, क्या फ़र्क पड़ता है, सुंदरता तो इतनी साफ़ है

[अंतरा 4]

मैं जलकुंड के किनारे बहुत देर बैठा रहा

कपड़े भीग गए, फिर भी कोई मलाल नहीं

पानी अब भी नीचे छलाँग लगा रहा है

हज़ार साल से छलाँग लगाता रहा,थकान कहीं नहीं दिखती

मैं उसे अपनी आँखों में तस्वीर की तरह उतार लेता हूँ

दिल में सहेज लिया,नज़र उठाते ही दिख जाता है

[अंतिम मुखड़ा]

日照香炉生紫烟(सूरज की रोशनी में श्यांगलू शिखर से बैंगनी धुँध उठती है)

遥看瀑布挂前川 — दूर से देखूँ तो जलप्रपात सामने की नदी पर लटका दिखता है

飞流直下三千尺(वेगवती धार सीधे तीन हज़ार ची नीचे गिरती है),मनुष्यों की दुनिया में आ गिरती है

疑是银河落九天(लगता है आकाशगंगा नौवें आसमान से उतर आई है)

मानो किसी ने झटककर खोल दिया हो, सफ़ेद रेशम का एक थान

लूशान की, सबसे खड़ी ढलान पर टँगा हुआ

[समापन]

पहाड़ से उतरते समय मुड़कर देखता हूँ

पानी की आवाज़ मेरे साथ,कुछ दूर चली

शास्त्रीय काव्य का भावलोक और मौलिक गीत-बोल · AI संगीत सृजन

नीचे गीत के बोलों का अनुवाद है; रिकॉर्डिंग में मूल गायन ही है, ऑडियो दोबारा तैयार नहीं किया गया है।

टिप्पणी अनुभाग

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प्रस्तुति एक · पुरुष स्वर

4:47

प्रस्तुति एक · स्त्री स्वर

4:38

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