कविताओं में बसी कहानियाँ
प्याले में ढलता सूरज
कू वूजी · AI सृजन · प्राचीन परिवेश में जनजीवन और बुढ़ापे के पुनर्मिलन का उपन्यास · पूर्ण · 38 अध्याय · 1 बार पढ़ा गया
छोंगयांग की गुलदाउदी-मदिरा पहुँची तो सोंग तांग कई वर्षों से खाली पड़ा एक हरा प्याला समेट रही थी। कुएँ के पानी की परिचित गंध उसे पहाड़ी राह पर ले गई, मगर आँगन के सफ़ेद बालों वाले व्यक्ति ने उसे केवल मदिरा खरीदने आई अजनबी समझा। तीस साल पुरानी विवाह-प्रतिज्ञा अब भी थी, मगर दोनों परिवारों के दिन अपनी-अपनी राह बहुत दूर निकल चुके थे। वह जो एक सवाल लेकर आई थी, अचानक समझ नहीं पाई कि उसे कहाँ से शुरू करे।
यह पुस्तक AI की सहायता से रचित मौलिक कृति है, जिसका विस्तार वू वेनयिंग की 《浪淘沙·九日从吴见山觅酒》 (लांगताओशा: नवम दिवस पर वू ज्यानशान से मदिरा माँगना) और इस वेबसाइट की मूल लघुकथा 《九日无人认故人》 (नवम दिवस पर पुराने परिचित को कोई न पहचाने) से किया गया है। पात्र, स्थानों के नाम और कालगणना सभी काल्पनिक हैं। यह मूल गीतिकाव्य का अनुवाद या रूपांतरण अथवा गीतिकवि की जीवनी नहीं है।
टिप्पणी अनुभाग
टिप्पणियाँ लोड हो रही हैं…
कुछ कहना चाहते हैं?टिप्पणी में भाग लेने के लिए लॉग इन करें →