कविताओं में बसी कहानियाँ
पुराने पथ पर घर लौटता दीप
कू वूजी · AI सृजन · प्राचीन परिवेश का सामाजिक जीवन · पूर्ण · 1 अध्याय · 0 बार पढ़ा गया
चौदह साल से घर से दूर गु छी बूढ़े घोड़े यूछ्यान को बाज़ार ले गया। उसे बेचकर घर जाने की नाव का किराया पूरा हो सकता था। खरीदार ने पुरानी काठी उठाई, मगर घोड़े की पीठ पर सैन्य दाग पहचानकर लगाम पकड़ ली और पहले तय दाम पर बात करने से इनकार कर दिया। आदमी और घोड़ा भागकर पुराने रास्ते की छोटी सराय पहुँचे। पुल के नीचे पानी था, कमरे में दीप था, मगर घोड़े की पीठ का पुराना निशान अब भी उसके और घर लौटने की राह के बीच खड़ा था।
यह कृति AI ने मा झीयुआन की 《天净沙·秋思》 (त्यानजिंगशा: शरद के विचार) के काव्य-बिंबों से प्रेरित होकर रची है। पात्र और कथानक पूर्णतः काल्पनिक हैं तथा कथा एक कल्पित प्राचीन परिवेश में कही गई है। यह मूल कविता का अनुवाद या रूपांतरण अथवा कवि की जीवनी नहीं है।
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