कविताओं में बसी कहानियाँ
सर्द पहाड़ों से गुजरा पाला
कू वूजी · AI सृजन · प्राचीन परिवेश की अलौकिक प्रेमकथा · पूर्ण · 1 अध्याय · 8 बार पढ़ा गया
छिन ये हान पर्वत से नीचे उतरने की जल्दी में था, मगर गाड़ी के पीछे सफ़ेद वस्त्रों वाली एक स्त्री आ बैठी। उसके पैरों के पास हल्का पाला था, ज़मीन पर उसके आने के निशान नहीं थे। सूर्यास्त से पहले रंगशाला में करघे की शटल पहुँचा दे तो वह अकेले लंबी यात्रा पर निकल सकता था; मगर स्त्री ऊपर उस मेपल वन में जाना चाहती थी जो इस समय लाल हो रहा था। ठीक तभी गाड़ी की कील ढीली हो गई। दोराहे से एक रास्ता माल पहुँचाने नीचे जाता था और दूसरा मेपल देखने ऊपर; मरम्मत पूरी होने तक दोनों दिशाओं के लिए बची धूप और कम हो जाएगी।
यह रचना AI ने दू मू की 《山行》(पहाड़ की यात्रा) के काव्य बिंबों से प्रेरित होकर रची है। पात्र और कथानक पूरी तरह काल्पनिक हैं और कथा एक कल्पित प्राचीन परिवेश में कही गई है; यह मूल कविता का अनुवाद या रूपांतरण अथवा कवि की जीवनी नहीं है।
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