कविताओं में बसी कहानियाँ
नन्हे कमल में छिपी धार
कू वूजी · AI सृजन · प्राचीन परिवेश का साहसिक कथानक · पूर्ण · 1 अध्याय · 0 बार पढ़ा गया
गाँव की नहर खोलने वाली ताँबे की चाबी खोते ही, ऊपर और नीचे के दोनों गाँवों का झगड़ा कुएँ तक पहुँच गया। देर से रोपी गई धान की पौध तीन दिन प्रतीक्षा नहीं कर सकती थी। आच्येन के पिता निचले गाँव में थे और नाना ऊपरी गाँव में। बड़ों ने उसे बीच में न पड़ने को कहा, तो वह फिर अपने परिचित छोटे तालाब को देखने गई। बिना बारिश की रात के बाद भी पहला कमल-पत्ता तिरछा हो गया था। नीली पूँछ वाली व्याध-पतंग उस पर बैठी तो पानी के नीचे की पतली सन की डोरी भी धँस गई; आच्येन ने घास का डंठल उठाया और उस डोरी को उठाने लगी, जिसे वहाँ होना ही नहीं चाहिए था।
यह कृति AI ने यांग वानली की 《小池》 (छोटा तालाब) के काव्य-बिंबों से प्रेरित होकर रची है। पात्र और कथानक पूर्णतः काल्पनिक हैं तथा कथा एक कल्पित प्राचीन परिवेश में कही गई है। यह मूल कविता का अनुवाद या रूपांतरण अथवा कवि की जीवनी नहीं है।
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