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《हंस ओझल हुए बंद दरवाज़ों के पार》 का आवरण

प्राचीन चीनी शैली का भावपूर्ण संगीत · AI संगीत सृजन

हंस ओझल हुए बंद दरवाज़ों के पार

कू वूजी · AI संगीत · 3 बार पढ़ा गया

ली छिंगझाओ की 《念奴娇·春情》 से भाव लिया गया है। 萧条庭院,又斜风细雨,重门须闭;宠柳娇花寒食近,种种恼人天气。险韵诗成,扶头酒醒,别是闲滋味;征鸿过尽,万千心事难寄。楼上春寒帘垂四面,被冷香消新梦觉,不许愁人不起;清露晨流,新桐初引,多少游春意。日高烟敛,更看今日晴未। सूना आँगन, फिर तिरछी हवा और महीन वर्षा, भीतर के द्वार बंद करने पड़ते हैं; मनभावन विलो और कोमल फूलों के बीच हान्शी पर्व निकट है, मौसम के कितने ही रूप मन खिन्न करते हैं। कठिन तुकों की कविता पूरी हुई, सिर भारी करने वाली मदिरा का नशा उतरा, अवकाश का यह स्वाद कुछ अलग है; प्रवासी हंस सब निकल गए, मन की अनगिनत बातें भेजना कठिन है। ऊपरी मंज़िल पर वसंत की ठंड है, चारों ओर परदे गिरे हैं, रज़ाई ठंडी है, सुगंध मिट चुकी है, अभी सपने से जागी हूँ, दुखी मन को उठे बिना चैन नहीं; सुबह निर्मल ओस बहती है, नए पाउलोनिया में कोपलें फूटी हैं, वसंत में घूमने की कितनी इच्छा है। सूरज चढ़ गया, धुंध सिमट गई, फिर देखूँ आज मौसम साफ हुआ या नहीं। पुरुष और महिला स्वर एक ही गीतपाठ गाते हैं।

गीत की वह पंक्ति

उदास आँगन में, फिर तिरछी हवा और महीन बारिश

एक के भीतर एक दरवाज़े बंद करने हैं, एक-एक करके कसकर बंद

प्रेरणा देने वाली मूल कविता ली छिंगझाओ ·《न्येननूच्याओ·वसंत के भाव》
पूरे गीत के बोल पढ़ें ↓

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शब्दों में गीत बसे हैं

गीत के बोल

[प्रस्तावना]

[अंतरा 1]

आँगन कुछ अधिक उजाड़ हो गया है

हवा तिरछी चलती है, बारिश हल्की और महीन पड़ती है

दरवाज़ों की एक के बाद एक परत बंद कर दी गई

हवा और वर्षा रोक सकते हैं, मन की हलचल नहीं

विलो को भी दुलार चुका, फूलों को भी लाड़ कर चुका

जो कुछ खीज दिलाता है,सब इसी मौसम की देन है

[मुखड़े से पहले]

आसमान घिरते ही मन आलसी हो जाता है

ऐसी सुस्ती, कि कविता लिखने को कलम उठाने का भी मन नहीं

[मुखड़ा]

उदास आँगन में, फिर तिरछी हवा और महीन बारिश

एक के भीतर एक दरवाज़े बंद करने हैं, एक-एक करके कसकर बंद

प्रवासी हंस सब उड़ गए,मन की बात अब किसके हाथ भेजूँ

हज़ारों चिंताएँ, बस आँगन में बंद करनी पड़ती हैं

इंतज़ार है सूरज चढ़ने और धुंध छँटने का,इंतज़ार है साफ मौसम की पहेली सुलझने का

सुबह निर्मल ओस बहती है,नया पॉलोनिया वसंत का पहला आभास लाता है

[अंतरा 2]

कठिन तुकों में कविता रच दी

सिर भारी करने वाली मदिरा का नशा उतर गया, इतनी फ़ुरसत कि मन लगाने को कुछ नहीं

यह एहसास साफ़-साफ़ कहा नहीं जाता

यह विरक्ति है या खीझ, एक पहेली जिसे खुद भी नहीं सुलझा पाता

ऊपरी मंज़िल पर कई दिनों से वसंत की ठंड है

चारों ओर परदे गिरे हैं, रेलिंग से टेक लगाने का भी मन नहीं

[मुखड़े से पहले]

रज़ाई ठंडी पड़ गई और धूप की सुगंध भी मिट गई

नया सपना चौंककर टूटा, दुखी मन वाले को भी उठना ही है

[मुखड़ा]

उदास आँगन में, फिर तिरछी हवा और महीन बारिश

एक के भीतर एक दरवाज़े बंद करने हैं, एक-एक करके कसकर बंद

प्रवासी हंस सब उड़ गए,मन की बात अब किसके हाथ भेजूँ

हज़ारों चिंताएँ, बस आँगन में बंद करनी पड़ती हैं

इंतज़ार है सूरज चढ़ने और धुंध छँटने का,इंतज़ार है साफ मौसम की पहेली सुलझने का

सुबह निर्मल ओस बहती है,नया पॉलोनिया वसंत का पहला आभास लाता है

[वाद्य-संगीत]

[अंतरा 3]

आकाश से जंगली हंसों का एक पूरा झुंड गुज़र चुका है

किसी एक से संदेश भिजवाना चाहा, पंखों ने भी ध्यान देने की ज़हमत नहीं की

अनगिनत मन की बातें दबाए हैं

लिखकर फिर मसलता हूँ, कागज़ के गोले पर गोले बनते हैं

डाकिया तो है ही नहीं

मन की बातें, अब दराज में बंद करनी पड़ेंगी

[सेतु]

एक रात बीती और भोर हो गई

निर्मल ओस सुबह बहती है, एक-एक बूँद साफ़ दिखाई देती है

नए तुंग वृक्ष में नई कोंपलें फूटीं

नए कोमल पत्ते निकले, कितने उत्साह से हरे

यह दुनिया नए सिरे से धुल गई है

यहाँ तक कि उदासी के, कुछ धागे भी धुलकर फीके पड़ गए

वसंत की सैर के कितने ख़याल

उमड़ पड़ते हैं, दबाए भी न दबें ऐसे ठेलते हुए

[अंतरा 4]

सूरज बहुत ऊँचा चढ़ आया

धुआँ छँट गया, आकाश धुले हुए नीले काँच जैसा है

एक खिड़की खोलकर देखो

बादल और सिमटते गए, साफ़ आकाश की आस और गहराती गई

पर्दा ऊपर समेट दो

मौसम साफ़ हो या न हो,बाहर जाकर मन का संशय सुलझाओ

[अंतिम मुखड़ा]

उदास आँगन में, फिर तिरछी हवा और महीन बारिश

एक के भीतर एक दरवाज़े बंद करने हैं, एक-एक करके कसकर बंद

प्रवासी हंस सब उड़ गए,मन की बात अब किसके हाथ भेजूँ

हज़ारों चिंताएँ, बस आँगन में बंद करनी पड़ती हैं

इंतज़ार है सूरज चढ़ने और धुंध छँटने का,इंतज़ार है साफ मौसम की पहेली सुलझने का

सुबह निर्मल ओस बहती है,नया पॉलोनिया वसंत का पहला आभास लाता है

[समापन]

आँगन में जाकर सिर उठाया

आसमान सचमुच साफ़ हो गया, इतना साफ़ कि मन ख़ुश हो उठे

शास्त्रीय काव्य का भावलोक और मौलिक गीत-बोल · AI संगीत सृजन

नीचे गीत के बोलों का अनुवाद है; रिकॉर्डिंग में मूल गायन ही है, ऑडियो दोबारा तैयार नहीं किया गया है।

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प्रस्तुति एक · पुरुष स्वर

4:23

प्रस्तुति एक · स्त्री स्वर

4:59

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