कविताओं में बसी कहानियाँ
बर्फीले घर में छिपा वसंत
कू वूजी · AI सृजन · प्राचीन परिवेश की रहस्यकथा · पूर्ण · 1 अध्याय · 2 बार पढ़ा गया
बर्फबारी के बाद आसमान साफ हुआ तो डिंग श्यु शहतीर बदलने पहाड़ पर गया। आँगन में पैरों के निशानों की तीन कतारें दरवाजे तक जाती थीं, मगर वृद्ध छेन अड़े थे कि वह अकेले रहते हैं। उन्होंने दो कटोरे निकाले, फिर जल्दी से एक वापस रख दिया; शहतीर पर इतनी धीमी साँस भी थी कि लगभग सुनाई ही न दे। डिंग श्यु तो बस मजदूरी लेकर कर्ज चुकाना चाहता था, मगर पहाड़ के नीचे से ऋणपत्र लिए कुछ धूसर वस्त्रधारी आ पहुँचे। उनकी अगुवाई करने वाले प्रबंधक शेन के हाथ में ठीक वही कर्ज था, जो उसके पिता छोड़ गए थे।
यह कृति AI ने झेंग श्ये की 《山中雪后》 (पर्वतों में हिमपात के बाद) के काव्य-बिंबों से प्रेरित होकर रची है। पात्र और कथानक पूर्णतः काल्पनिक हैं तथा कथा एक कल्पित प्राचीन परिवेश में कही गई है। यह मूल कविता का अनुवाद या रूपांतरण अथवा कवि की जीवनी नहीं है।
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