कविताओं में बसी कहानियाँ
लौटती नाव का नया यात्री
कू वूजी · AI सृजन · प्राचीन परिवेश की प्रेमकथा · पूर्ण · 1 अध्याय · 0 बार पढ़ा गया
शरद का पानी तीन बार उतर चुका था, मगर ये वान अब भी नाव-गोदी में उत्तर लौटते हर पाल को पहचानने की कोशिश करती थी। साँझ की बारिश में आए संदेशवाहक ने उसके पति का अंतिम पत्र लाकर दिया, मगर भौंह के नीचे का छोटा तिल और कान के पीछे का तलवार का निशान, दोनों उसी चेहरे पर थे जिसकी वह हर रात याद करती थी। उसका नाम आयुआन था; वह विवाह-पत्र नहीं पहचानता था, न यह घर याद कर पाता था। उसने पुराने कपड़े निकालकर रख दिए, मगर उसकी यात्रा-पोटली में अब भी वह दवा थी जो उसे उत्तरी तट के मछुआरे परिवार तक पहुँचानी थी।
यह कृति AI ने लिउ योंग की 《八声甘州·对潇潇暮雨洒江天》 (बाशेंग गांझोउ: नदी और आकाश पर बरसती साँझ की अनवरत वर्षा के सामने) के काव्य-बिंबों से प्रेरित होकर रची है। पात्र और कथानक पूर्णतः काल्पनिक हैं तथा कथा एक कल्पित प्राचीन परिवेश में कही गई है। यह मूल कविता का अनुवाद या रूपांतरण अथवा कवि की जीवनी नहीं है।
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